Sanchar Sathi: क्या है ये 'संचार साथी ऐप'? सरकार क्यों चाहती है कि हर नए स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल हो ये App

Sanchar Sathi App: भारत सरकार ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। DoT ने अब देश में बेचे गए या निर्यात किए गए हर नए स्मार्टफोन में पहले से संचार साथी ऐप लगाना अनिवार्य कर दिया है। आइए संचार साथी ऐप को जानें।

Sanchar Sathi App क्या है और सरकार ने इसे सभी नए मोबाइल फोन में अनिवार्य क्यों किया

क्या क्या खास बात है इस App मे 

भारत सरकार ने डिजिटल सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) ने हर नए मोबाइल फोन को भारत में खरीदने या बाहर से मंगाने के लिए पहले से ही 'संचार साथी ऐप' इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया है। इस ऐप को फोन से निकालना असंभव होगा। DoT ने सभी मोबाइल कंपनियों (OEMs) और इंपोर्टर्स को सोमवार को ये निर्देश भेजे हैं। सरकारी नियम Apple, Samsung, Xiaomi, Oppo और Vivo जैसे सभी बड़े ब्रांडों के फोन्स पर लागू होंगे।

निर्देशों के अनुसार, कंपनियों को फोन सेट करते समय संचार साथी ऐप यूजर को स्पष्ट दिखना चाहिए और आसानी से खुल जाना चाहिए। साथ ही, ऐप की कोई भी सुविधा सीमित या बंद नहीं होनी चाहिए, ताकि उपयोगकर्ता इसका पूरा उपयोग कर सकें। सरकार की इस व्यवस्था से हर कोई संचार साथी ऐप के बारे में जानना चाहेगा और इसका उपयोग कैसे करें।

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क्यो बनाया ये नियम 

DoT ने कहा कि अगले 90 दिनों के भीतर सभी नई डिवाइसों में पहले से संचार साथी ऐप इंस्टॉल करना चाहिए। सरकार ने कंपनियों और इंपोर्टर्स से कहा है कि वे पहले से बनाए गए मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाए। DoT ने बताया कि ये उपाय किए गए हैं ताकि लोग फर्जी फोन खरीदने से बच सकें, टेलीकॉम से जुड़े किसी भी गलत इस्तेमाल की आसानी से शिकायत कर सकें और संचार साथी पहल को और अधिक सफल बना सकें।

क्या होता है संचार साथी ऐप

पोर्टल, जिसका नाम 'संचार साथी ऐप' है, मई 2023 में शुरू हुआ था, खोए हुए मोबाइल फोन की शिकायतों को दर्ज करने और उन्हें ब्लॉक करने की अनुमति देता है। इसके अलावा, यह संदिग्ध या खतरनाक वेब लिंक की सूचना देता है, अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं, और बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट नंबरों की जांच करता है।

यूजर के लिए सुविधाएं 

ये ऐप और भी कई सुविधाएं देगा, जैसे यूजर के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं, इसकी जांच करना, फोन असली है या नकली पता लगाना और। इसके साथ किसी संदिग्ध कॉल या स्पैम शिकायत दर्ज करें। यदि किसी भारतीय नंबर से विदेशी कॉल आता है, तो यूजर इसकी रिपोर्ट भी कर सकता है। विशेष रूप से, इन सेवाओं को फोन पर OTP वेरिफिकेशन की भी आवश्यकता नहीं होगी।

App के जारी हुए आंकड़े 

संचार साथी वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान ने अब तक 42.14 लाख से अधिक मोबाइल फोन ब्लॉक किए हैं। इसके साथ, लगभग 26.11 लाख से अधिक खोए या चोरी हुए फोन का पता लगाया गया है। इसके अलावा, अपने नाम पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जानने के लिए 288 लाख से अधिक लोगों ने रिक्वेस्ट भेजी हैं, जिनमें से 254 लाख से अधिक मामले भी हल किए गए हैं।

संचार साथी ऐप में लोगों की काफी रुचि देखी गई है। ऐप पर अब तक 1.14 करोड़ से अधिक लोग रजिस्टर हो चुके हैं। यह Google Play Store पर 1 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड हुआ है, जबकि Apple Store पर 9.5 लाख से अधिक डाउनलोड हुए हैं।

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