मां-बाप, पत्नी सबको सड़क दुर्घटना में मरवा दिया। बाद में बेटे का 'बीमा गेम' पता चला

विशाल के पिता मुकेश सिंघल के नाम पर पच्चीस बीमा पॉलिसी थीं और उनका बीमा क्लेम लगभग पच्चीस करोड़ रुपये का था, जब मां-बाप और पत्नी सड़क दुर्घटना में मर गए। हापुड़ पुलिस की जांच से पता चला कि मुकेश की मौत एक सड़क हादसे में नहीं हुई थी।

• पेसो के लालच में बेटे ने रची थी साजिश

एक बेटे ने अपने माता-पिता को 50 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम पाने के लिए मार डाला। इस मामले में आरोपी पुत्र विशाल सिंघल और उसके सहयोगी सतीश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विशाल पर आरोप है कि वह अपने परिवार के सदस्यों की मौत को सड़क दुर्घटना बताकर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपयों का भुगतान कराया था । पुलिस को मालूम हुआ कि विशाल की बहुत सी पत्नियां हैं।

मेरठ के गंगानगर में विशाल रहता था। कुछ रिपोर्ट्स से पता चला कि विशाल ने अपनी मां प्रभा देवी और पत्नी की मौत को सड़क हादसे में हुई बताया था। इस तरह उसने बीमा कंपनियों से लाखों रुपये मांगे। उसने अपने पिता मुकेश सिंघल की मृत्यु के बाद करीब 39 करोड़ रुपये का बीमा भी लिया था।

• पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया

"2024 के अप्रैल में थाना गढ़मुक्तेश्वर में एक शिकायत दर्ज की गई। उसमें विशाल सिंघल ने बताया कि उनके पिता मुकेश सिंघल का एक सड़क दुर्घटना हुआ था। वे इसमें बहुत गंभीर घायल हो गए और बाद में मेरठ ले जाकर वहाँ उपचार कराया गया, लेकिन वहीं मर गए। संबंधित सड़क दुर्घटना की जांच के बाद, गाड़ी का पता नहीं लगा और रिपोर्ट दर्ज की गई। "



• विनीत भटनागर जी ने आगे कहा,

"इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी पैरेलल इन्वेस्टिगेशन में पाया कि मृतक के बेटे ने लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा पॉलिसी लेली थी। इसके बावजूद, उनकी वार्षिक आय इससे कहीं अधिक थी। उसके पास कुछ लाख रुपये की सालाना आय थी। उन्हें पता चला कि गंभीर गलती हुई है और कई पॉलिसियां ली गई हैं। इसके बाद उन्होंने भी संदेह व्यक्त किया कि यह मृत्यु एक्सीडेंट से नहीं हुई थी।

• विशाल के पिता के नाम था लगभग  20 करोड़ रुपए का बीमा 

विशाल के पिता मुकेश सिंघल के नाम पर लगभग पच्चीस करोड़ रुपये का बीमा क्लेम था। हापुड़ पुलिस की जांच से पता चला कि मुकेश की मौत एक सड़क हादसे में नहीं हुई थी। विशाल ने बताया कि उसके पिता एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बताया कि दोनों चोटें आपस में नहीं मेल खाती थीं।

• इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी ने बताया कि,

निवा बुपा इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विशाल कुमार ने जांच के दौरान टीम का सहयोग नहीं किया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं दिए। संजय कुमार ने बताया कि निवा बूपा (मृतक मुकेश सिंघल) के नाम पर लगभग 50 बीमा पॉलिसी थीं, जो टाटा एआईजी, मैक्स लाइफ, टाटा एआईए, आदित्य बिड़ला, HDFC Argo और Max Life सहित कई कंपनियों से थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, उनका बीमा क्लेम लगभग 39 करोड़ रुपये था, जबकि उनकी घोषित सालाना आय लगभग 12 से 15 लाख रुपये थी। हापुड़ पुलिस ने बताया कि 21 जून 2017 को विशाल कुमार की मां प्रभा देवी पिलखुवा में एक सड़क दुर्घटना में मर गई थी। प्रभा और विशाल उस समय एक अज्ञात कार से टकरा गए और सरस्वती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए।

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• बीमा कंपनी के मैनेजर ने भी आरोप लगाए 

पुलिस ने कहा कि प्रभा की मौत के बाद विशाल को बीमा कंपनियों से लगभग 80 लाख रुपये मिले थे। बीमा कंपनी ने प्रभा की मौत पर भी साजिश का आरोप लगाया है। वहीं, विशाल को उसकी पत्नी की मौत के बाद लगभग 30 लाख रुपये की बीमा राशि दी गई।

हापुड़ पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने बताया कि मृतक मुकेश सिंघल के नाम पर चार महंगी कार भी रजिस्टर्ड हैं। ये गाड़ियां कई बैंकों से लोन लेकर खरीदी गईं। मुकेश की मौत के बाद बीमा कंपनियों को भी बैंक का लोन चुकाना होगा। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच के बाद ही इंश्योरेंस कंपनी के आरोपों का सच पता चलेगा।

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