प्रेमिका ईशिका और साकिब का मामला: कोर्ट के फैसले ने मचाई हलचल, पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच बढ़ा तनाव
इसमें ईशिका है। ईशिका सहारनपुर के साकिब से प्यार करती थी। ईशिका के घरवालों ने हिंदूवादी संगठनों के साथ मिलकर साकिब के अपहरण और बलात्कार का मामला दर्ज कराया। 2022 में ईशिका के पिता राजेश मदान की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। अक्टूबर 2025 में, अदालत ने साकिब को 20 साल की सजा और 65 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया।
X पर Muslim IT cell नाम के चैनल ने एक पोस्ट की जिसमें ईशिका बताती है। वीडियो देखो
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| ईशिका का बयान देते हुए वीडियो, सहारनपुर प्रेम प्रकरण मामला |
ईशिका का बयान
इस मामले में अब एक नया मोड़ आया है। साकिब को सजा सुनाए जाने के बाद ईशिका ने कहा कि वह अपनी मर्ज़ी से साकिब के साथ गई थी और किसी ने उसका अपहरण नहीं किया था। ईशिका कहती है कि साकिब बेकसूर है और उसे फसाया गया है। ईशिका कहती है कि साकिब को फंसाया गया था ताकि दोनों को अलग किया जा सके। उसने सुनवाई के बाद कोर्ट से अपील की है कि साकिब को दी गई सजा हटाई जाए। ईशिका कहती है कि साकिब को जेल की सजा अन्यायपूर्ण है। युवती का कहना है कि साकिब पर जाट-टोला की दुर्व्यवहार के कारण वह परिवार में वापस नहीं आना चाहती।
X पर Muslim IT cell नाम के चैनल ने एक पोस्ट की जिसमें ईशिका बताती है। वीडियो देखो 4/ But the story didn't end there, after Saqib's conviction, Ishika herself went to live with Saqib's family, declaring: "I will not leave his house. I will marry Saqib when he is released. He was framed. The judgment was bought." pic.twitter.com/BLpSawmnVN
— Muslim IT Cell (@Muslim_ITCell) October 30, 2025
हिंदू संगठन और परिवार वालों का दावा
4/ But the story didn't end there, after Saqib's conviction, Ishika herself went to live with Saqib's family, declaring: "I will not leave his house. I will marry Saqib when he is released. He was framed. The judgment was bought." pic.twitter.com/BLpSawmnVN
— Muslim IT Cell (@Muslim_ITCell) October 30, 2025ईशिका को इस बीच पुलिस और स्थानीय अधिकारी लगातार समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह घर छोड़ने को तैयार नहीं है। हिंदू संगठनों का दावा है कि युवती का ब्रेनवॉश पूरी तरह से किया गया है। पुलिस और अधिकारी मौके पर स्थिति को देख रहे हैं, लेकिन हालात बिगड़ते देखकर हिंदू संगठनों ने विरोध जारी रखने का ऐलान किया है। ईशिका को पुलिस महिला कोतवाली ले जाया गया, जहां मामला निपटाया जाएगा। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों को सुनेंगे। ईशिका का परिवार भी हिंदू संगठन से मिल गया है। ईशिका को पुलिस अपनी कार से थाने लेके गई।
अब उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की निष्पक्षता को समझिए। उसके बाद, न्यायपालिका की निष्पक्ष न्याय की व्याख्या करें। क्या स्थिति वही रहती अगर यह मुस्लिम होती और उसका प्रेमी हिंदू होता? ईशिका की बातें निष्पक्ष हैं। अब समाज इस मुद्दे पर बहस कर रहा है।

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