MP: हादसे में मरने वालों को चार लाख का चेक मिलना था, लिफाफा खोला तो "स्वीकृति पत्र" निकला

 MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पाडल फाटा में मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। यहाँ उन्होंने परिवार से मुलाकात की और एक लिफाफा सौंपा। सभी को लगा था कि इनमें 4–4 लाख रुपये के मुआवजे के चेक होंगे। लेकिन हुआ कुछ अलग।



2 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के खंडवा में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए एक हादसे में 11 लोगों की जान चली गई। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री तक ने घटना पर दुख जताया था। मुआवजे की घोषणा भी हुई। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने साथ मुआवजे का एक लिफाफा लेकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। लिफाफा दिया।  फोटो खींचें। लेकिन मरने वाले लोगों ने लिफाफा खोला तो वे हैरान रह गए।


जय नागड़ा की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पाडल फाटा में मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। यहाँ उन्होंने परिवार से मुलाकात की और एक लिफाफा सौंपा। सभी को लगा था कि इनमें चार से चार लाख रुपये के मुआवजे के चेक होंगे। लेकिन परिजनों ने घर जाकर लिफाफे को खोला तो पता चला कि उसमें SDM पंधाना की राशि का पत्र था।  चेक नहीं था।

घायलों को सिर्फ 5 हजार का चेक 


मामला यहीं खत्म नहीं है। माना जाता है कि राज्य मंत्री विजय शाह ने भी कुछ ऐसा ही "कारनामा" किया। शनिवार को वह खंडवा के जिला अस्पताल में पाडल फाटा के घायलों से मिलने के लिए आईसीयू में गए थे। यहां घायलों को मंत्री शाह ने भी एक ‘लिफाफा’ दिया। फोटो खींचें। यह लगा है कि वे घायलों को डेढ़ लाख रुपये का चेक देने आए होंगे।

लेकिन घायलों ने लिफाफा खोला तो उसमें सिर्फ पांच हजार रुपये का चेक था, जो किसी घोषणा में नहीं था। मंत्री शाह के दौरे को लेकर बाकायदा प्रेस नोट भी जारी किया गया था। मदद का ही उल्लेख था। लेकिन राशि की कोई जानकारी नहीं दी गई।

फौरी मदद के लिए दिए 5 हजार के चेक 


रिपोर्ट में सूत्रों ने बताया कि घायलों को फौरी मदद देने के लिए मंत्री विजय शाह ने चेक इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की खंडवा शाखा से बनवाए गए थे। लेकिन यहां भी गलती हुई। 6 घायल भर्ती थे. लेकिन सिर्फ चार चेक प्राप्त हुए।

यह चेक दुर्गा और लक्ष्मी नाम के घायलों को नहीं दिया गया था। जिन लोगों को चेक मिला, उनसे कहा गया कि यह सिर्फ तत्काल मदद है, ताकि वे आवश्यक खर्चों को भुगतान कर सकें। बाकि सीधे उनके खातों में बड़ी राशि भेजी जाएगी।

कितना मिलना था मुआवजा 


2 अक्टूबर को घटना के बाद, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 4–4 लाख रुपये और घायलों को 1–1 लाख रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। मृतकों के परिवारों को छह लाख रुपये और घायलों को डेढ़ लाख रुपये मिलेंगे। लेकिन उनके हाथ में लगे लिफाफे में कुछ भी नहीं था। घायलों और मृतकों के परिजनों में इस घटनाक्रम को लेकर गुस्सा है।

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