UNSC ने ट्रंप की गाज़ा योजना को मंजूरी दी; रूस वोटिंग से बाहर, हमास ने विरोध जताया

इज़राइल-हमास समझौते के बाद UNCS की मुहर। पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप गाजा शान्ति योजना के पहले चरण पर इजरायल और हमास ने समझौता कर लिया था।

UNSC ने ट्रंप का गाजा प्लान मंजूर किया।

• रूस ने वोटिंग से दूरी बनाई

Israel-Hamas सीजफायर प्लान (UNSC) को 14 में से 14 वोट मिले। रूस ने वोट नहीं किया, लेकिन वोटिंग में भी हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में युद्ध विराम, कैदियों की रिहाई और पुनर्निर्माण शामिल थे।

• क्या है गाज़ा पीस प्लान ?

यह योजना मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे तनाव को समाप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना में तीन प्रमुख चरण हैं:
• युद्ध समाप्त करना,
• कैदियों को रिहा करना
• गाज़ा को फिर से बनाना

• फिलिस्तीन का समर्थन, इजरायल में विवाद

समाचारों के अनुसार, 14 नवंबर को ट्रंप ने  फिलिस्तीन का समर्थन किया। लेकिन इजरायल (टेल अवीव, हाइफ़ा, यरुशलम) में लाखों लोगों ने योजना के कई हिस्सों का विरोध किया है। उन्हें लगता है कि इससे इजरायल की सुरक्षा खतरे में हो सकती है।

• प्लान में क्या कहा गया है?

• पूरे गाज़ा का प्रशासन फिलिस्तीनी अथॉरिटी (Palestinian Authority) संभालेगी।
• गाज़ा का पुनर्निर्माण किया जाएगा
• बजट अरब देशों और यूरोपीय देशों द्वारा जुटाया जाएगा
• अमेरिका आर्थिक-राजनीतिक निगरानी करेगा
• योजना की अवधि चार से पांच वर्ष होगी।

• नेतन्याहू ने क्या कहा,

16 नवंबर को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वे ट्रंप प्लान के दूसरे चरण पर अभी सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा प्रावधानों को और मज़बूत किया जाए।

• हमास का कड़ा विरोध

समाचार पत्रों के अनुसार, हमास ने इस योजना को “नकली शांति समझौता” बताया और कहा कि यह गाज़ा की सत्ता को हड़पने का प्रयास है। उनका आरोप है कि यह योजना गाज़ा पर अमेरिकी-इजरायल हस्तक्षेप बढ़ाने की एक चाल है।

• हमास का कहना है कि

• गाज़ा में इजरायलियों का दखल नहीं होगा।
• हमास को कमजोर करने की हर कोशिश का विरोध होगा।
• हमास को युद्ध के बाद गाज़ा पर अधिकार देने वाले नए ढांचे में शामिल क्यों नहीं किया गया है।

16 नवंबर तक, गाज़ा-सिटी में हमास और आईडीएफ (इजराइली फोर्स) के बीच भारी संघर्ष हुआ। सैकड़ों लोग दोनों ओर से घायल हो गए। UN ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है।

पहले भी हथियार छोड़ने से हमास इनकार कर चुका है। 16 नवंबर की रात, हमास और उसके सहयोगी फिलिस्तीनी गुटों ने एक संयुक्त बयान में इस प्रस्ताव को ‘गाजा पर विदेशी नियंत्रण थोपने की खतरनाक कोशिश’ बताया और कहा कि यह प्रस्ताव इजरायल के हितों को बढ़ावा देता है।

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