आसाराम की बेल पर पीड़िता का वो बयान जिसे सुनकर कोर्ट भी चौंक गया— पूरा मामला जानें"

सुप्रीम कोर्ट में नाबालिग रेप पीड़िता के वकील एल्जो जोसफ ने आसाराम की जमानत को रद्द करने की मांग की है। उनका दावा था कि वह देश भर में घूम रहा है। उन्हें कोई गंभीर रोग नहीं है। उसकी जमानत इसलिए रद्द कर दी जानी चाहिए।

(आसाराम बाबू)

पीड़ित नाबालिग लड़की रेपिस्ट आसाराम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। उसने न्यायालय से आसाराम की जमानत को रद्द करने की अपील की है। लड़की ने कहा कि आसाराम की तबीयत बिल्कुल सही है और वह देश भर में घूम रहा है। आसाराम 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से रेप करने का दोषी है। 

लेकिन फिलहाल जेल में नहीं है। गुजरात हाई कोर्ट को उसके वकील ने बताया कि वह दिल की बीमारी से पीड़ित है। राजस्थान हाई कोर्ट ने उसे स्वास्थ्य कारणों से छह महीने की जमानत दी थी। आसाराम की जमानत को बाद में गुजरात हाई कोर्ट ने भी मंजूरी दी।

रिपोर्ट के अनुसार, एल्जो जोसफ, नाबालिग रेप पीड़िता का वकील, सुप्रीम कोर्ट में आसाराम की जमानत को रद्द करने की मांग की है। उनका दावा था कि वह देश भर में घूम रहा है। उसका कोई गंभीर रोग नहीं है। उसकी जमानत इसलिए रद्द कर दी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट को एल्जो जोसफ ने बताया कि अगस्त में हाई कोर्ट ने एक 'मेडिकल बोर्ड' बनाया था। इस बोर्ड के डॉक्टरों ने रिपोर्ट दी। उसने बताया कि आसाराम की सेहत अच्छी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं है। वकील ने अदालत में कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि बलात्कारी आसाराम को कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसलिए उसकी जमानत रद्द होनी चाहिए।

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जोसफ ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गंभीर स्वास्थ्य कारणों से जमानत पाने वाला आसाराम ने महाराष्ट्र, अहमदाबाद, जोधपुर, इंदौर और ऋषिकेश तक कई यात्राएं की हैं। पीड़िता के वकील ने कहा कि उसने कभी भी एक अस्पताल में लंबी अवधि का उपचार नहीं लिया है।

वहीं, आसाराम के वकील देवदत्त कामत ने राजस्थान हाई कोर्ट को बताया कि वह बीमार है। वकील ने कहा कि 86 वर्षीय आसाराम को दिल की बीमारी है। उसके पास पूरी स्वतंत्रता है। Asaram के वकील ने कहा कि जेल में उसका उपचार मुमकिन नहीं है। उसके बेहतर उपचार के लिए जमानत देनी चाहिए।

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से जमानत मिलने के ठीक एक हफ्ते बाद, 6 नवंबर को गुजरात हाई कोर्ट ने भी जमानत दे दी थी।

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