बीजेपी ने मनरेगा की जगह G RAM G बिल पास कराया, लोकसभा में विपक्ष का ज़ोरदार हंगामा
रोजगार की गारंटी देने वाला नवीनतम बिल, "जी राम जी", लोकसभा में पारित हुआ। विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का तीव्र विरोध किया। महात्मा गांधी का नाम बिल से हटाने पर इसे बापू का अपमान बताया गया।
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| G RAM G बिल पर चर्चा और विरोध |
पूरा मामला क्या है
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इससे पहले कई नौकरी योजनाएं आईं। जवाहर रोजगार योजना नामक एक कार्यक्रम था। क्या पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान हुआ जब कांग्रेस ने बाद में जवाहर रोजगार योजना नाम बदल दिया?
कृषि मंत्री ने आगे बोलते हुए कहा कि,
हमारे दिलों में बापू हैं। हम उनका पूर्ण सम्मान करते हैं। जैसा कि पिता ने कहा था, राम हमारे हर पल में रमे हैं। राम हर सांस में जीवित हैं। राम के बिना यह देश अनजान है। ये भड़क गए जब "जी राम जी" नाम आया। महात्मा गांधी ने स्वयं रामराज्य की कल्पना की। ‘हे राम’ भी उनका अंतिम शब्द था। हम बापूजी का पूरा सम्मान करते हुए रामराज्य की स्थापना करने के लिए यह बिल लाए हैं।
बिल लगभग आठ घंटे की लंबी बहस के बाद लोकसभा में ध्वनिमत से पारित किया गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया।
इस बीच, विपक्षी सांसदों ने बिल का सख्त विरोध किया। बिल की प्रतियां फाड़ीं और स्पीकर में फेंक दीं। सरकार के खिलाफ व्यापक नाराबाजी की। बिल को वापस लेने की मांग को लेकर पहले कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि ये बिल महात्मा गांधी का अपमान है। मार्च में सोनिया गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं।
ध्यान दें कि जी राम जी बिल ने 125 दिन के लिए ग्रामीण रोजगार की गारंटी दी है। लेकिन मनरेगा ने 100 दिन की नौकरी की गारंटी दी थी।
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