दिल्ली पुलिस महिला कमांडो की हत्या लव मैरिज दहेज का लालच और 4 महीने की प्रेगनेंसी
दिल्ली पुलिस की एक होनहार महिला कमांडो काजल की मौत ने पूरे देश को झकझोर करके रख दिया है। जिस काजल ने मेहनत और हौसले के दम पर पुलिस बल में जगह बनाई, उसी की जिंदगी दहेज और घरेलू हिंसा की भेंट चढ़ गई।
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| दिल्ली पुलिस महिला कमांडो की हत्या (Representative Image / Screengrab ) |
पूरा मामला क्या है
काजल मुख्य रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर की रहने वाली थीं। कॉलेज के दौरान उनकी मुलाकात अंकुर नाम के युवक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो आगे चलकर प्यार में बदली। परिवार की शुरुआती नाराजगी के बावजूद दोनों ने साल 2023 में प्रेम विवाह कर लिया।
इससे पहले काजल ने 2022 में दिल्ली पुलिस की परीक्षा पास की और कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुईं। आगे चलकर अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने कमांडो का पद हासिल किया। वहीं अंकुर को रक्षा मंत्रालय में क्लर्क की सरकारी नौकरी मिल गई थी। बाहर से सब कुछ ठीक लग रहा था, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद हालात बदलने लगे।
परिजनों के अनुसार, विवाह के करीब 15 दिन बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग शुरू हो गई। गाड़ी और पैसों को लेकर काजल को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा। हालात इतने खराब हो गए कि काजल को मजबूरन दिल्ली में अलग रहना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर परेशान करने का सिलसिला नहीं रुका।
काजल एक बच्चे की मां थीं और दूसरी बार गर्भवती भी थीं। बताया गया कि वह अपने करियर और बच्चों के भविष्य को देखते हुए सब कुछ सहती रहीं। लेकिन 22 जनवरी 2026 को हालात बेहद गंभीर हो गए। आरोप है कि लोन को लेकर हुए विवाद के दौरान अंकुर ने गुस्से में आकर काजल पर हमला कर दिया और उनके सिर पर डंबल से वार किया।
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गंभीर हालत में काजल को पहले मोहन गार्डन स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें गाजियाबाद के निजी अस्पताल में रेफर किया गया। करीब एक सप्ताह तक चले इलाज के बावजूद 27 जनवरी 2026 को काजल की मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी पति अंकुर को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। पहले मामले में हत्या के प्रयास की धाराएं लगाई गई थीं, लेकिन काजल की मौत के बाद अब इसमें हत्या का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामले की जांच जारी है।
काजल के पिता और भाई का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दो जिंदगियों को खत्म करने जैसा है। उनका आरोप है कि दहेज की लालच ने उनकी बेटी की मेहनत, सपनों और जिंदगी सब कुछ छीन लिया।
यह मामला एक बार फिर समाज में मौजूद दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी गंभीर समस्याओं पर सवाल खड़े करता है। एक प्रशिक्षित और सशक्त महिला कमांडो भी अगर सुरक्षित नहीं है, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।

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