ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में 62 लोगों की मौत, ईरान के क्राउन प्रिंस ने ट्रंप से मांगी मदद।
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज: ईरान में सरकार के विरोध प्रदर्शन में अभी तक 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ईरान के क्राउन प्रिंस Reza Pahlavi ने तुरंत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है।
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| ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन में 62 लोगों की जान की खबर |
ईरान में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
ईरान में स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पिछले 24 घंटों में सरकारविरोधी प्रदर्शनों में कई लोगों की मौत की खबर है। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से अपील की है कि वे तुरंत कार्रवाई करें। देश में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब बारहवें दिन में पहुंच चुका है, जिसमें अब तक 62 लोग मारे गए हैं।
समाचार के मुताबिक पता चला कि रजा पहलवी ने शुक्रवार, 9 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा,
राष्ट्रपति महोदय, मैं आपसे तत्काल ध्यान देने और सहायता प्रदान करने की अपील करता हूँ। कल रात आपने देखा कि सड़कों पर लाखों बहादुर ईरानी नागरिक गोलियों का सामना कर रहे थे। आज स्थिति और भी खराब है।
आगे कहा,
पहलवी ने लिखा कि लोग न सिर्फ गोलियों का सामना कर रहे हैं, बल्कि पूरी तरह से संपर्क भी खो चुके हैं। न लैंडलाइन कनेक्टिविटी है, न इंटरनेट।
Mr. President, this is an urgent and immediate call for your attention, support, and action. Last night you saw the millions of brave Iranians in the streets facing down live bullets. Today, they are facing not just bullets but a total communications blackout. No Internet. No…
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 9, 2026
ईरान में इन दिनों रजा पहलवी के पोस्टर दिखाई दे रहे हैं और लोग 'राजशाही वापस लाओ' के नारे लगा रहे हैं। 1979 की इस्लामिक क्रांति में राज पहलवी के पिता को सत्ता से निकाला गया था।
ईरान के प्रधानमंत्री अयातुल्ला अली खामेनेई ने इससे पहले अपने पहले भाषण में ट्रंप की कड़ी आलोचना की थी। खामनेई ने घोषणा की थी कि,
अमेरिका के राष्ट्रपति अक्सर दुनिया को घमंड से भरे बयान देते नजर आते हैं, लेकिन इतिहास दिखाता है कि घमंड हमेशा गिरता है। ईरान के शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी, फिरौन या निमरूद, सभी ने अपनी शक्ति को अजेय समझने लगे, और इसी से उनके पतन की शुरुआत हुई। इतिहास ने दिखाया है कि गर्व टिकता नहीं है, और ट्रंप भी इस नियम को मानेगा।
कुछ दिन पहले, पहलवी ने ट्वीट कर लोगों से खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की थी। उनका आह्वान था कि लोग शासन को गिरा दें।
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साथ ही, पहलवी ने ट्रंप को धन्यवाद दिया जब उसने ईरान को ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की चेतावनी दी। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अमेरिका शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हिंसक हत्या करने पर तेहरान की मदद करेगा।
ट्रंप ने कहा कि इस समय किसी भी ईरानी नेता का समर्थन करना सही नहीं है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी से फिलहाल वे मिलने के लिए इच्छुक नहीं हैं, हालांकि क्राउन प्रिंस अगले हफ्ते फ्लोरिडा (अमेरिका) में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।
ट्रंप ने कहा कि इस समय किसी ईरानी विरोधी नेता का साथ सेना बिल्कुल भी सही नहीं है। उनका मानना है कि पहले ईरान में चल रहे परिस्थितियों को समझना और पता लगाना चाहिए कि वहां से कौन-सा नेता उभरकर सामने आता है।

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