मेरठ में दिल दहला देने वाला किडनैप-मर्डर: बेटी के लिए कुर्बान हुई मां पुलिस ने कहा...

उत्तर प्रदेश न्यूज़: मामला कपसाड गांव का है जो मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में है। मृतक महिला और उसकी 20 साल की बेटी गुरुवार 8 जनवरी की सुबह जंगल मे घास लेने जा रहे थे। कथित रूप से गांव का ही रहने वाला पारस अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। और हथियार के बल पर लड़की के अपहरण का प्रयास करने लगा। 

मेरठ किडनैप मर्डर केस में बेटी को बचाते हुए मां की मौत, पुलिस जांच जारी

मेरठ मे धारदार हथियार से महिला की हत्या

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक दलित महिला की हत्या और उसके बेटी को किडनैप करने के दोषी को पकड़ लिया गया है। यह कहा जा रहा है कि एक दलित महिला अपनी बेटी को किडनैप से बचाने की कोशिश कर रही थी। उस समय बदमाशों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर लड़की को लेकर भाग गए। इलाज के दौरान दलित महिला वहीं मर गई। अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। किडनैप की गई लड़की को भी बरामद कर लिया गया है।

23 वर्षीय पारस सोम और 25 वर्षीय सुनील कुमार को आरोपी घोषित किया गया है। मीडिया रिपोर्ट से पता चला कि कपसाड गांव मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र का है। मृतक महिला और उसकी 20 साल की बेटी यहां गुरुवार, 8 जनवरी की सुबह खेत जा रहे थे। कथित रूप से गांव का ही निवासी पारस अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गया और हथियार के बल पर लड़की का अपहरण करने की कोशिश करने लगा।

लड़की की मां ने इस दौरान उनका विरोध करना शुरू किया। तब बदमाशों ने किसी धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया और लड़की को लेकर भाग गए। बाद में घायल महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह इलाज के दौरान मर गई। मौत के बाद ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम न होने का प्रदेश किया और भड़क गए। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त करने के बाद लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

मीडिया से बात करते हुए एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि किडनैप की गई लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पारस सोम और सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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हाल ही में, इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा पैदा कर दी है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट लिखी,

मेरठ में मां पर क्रूर हमला और बेटी को उठाकर ले जाने का मामला अत्यंत महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार अपराधियों को संरक्षण देते-देते आज जिस स्तर पर पहुंच गई है, वह वापस नहीं लौट सकती। क्योंकि अपराधी उनके अपराध खोलेंगे। सरकार से कोई उम्मीद ही नहीं है; इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। भाजपा की सरकार असफल है।

मृतक महिला के परिवार से शनिवार 10 जनवरी की दोपहर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया चंद्रशेखर आजाद मिलने वाले थे। लेकिन इस दौरान उनके काफिले को गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस ने रोका। इसके बाद उन्होंने सीमा पार करके उत्तर प्रदेश में घुसने की कोशिश की। इस दौरान चंद्रशेखर और पुलिस के बीच झगड़ा भी हुआ।

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