पटना: NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत में अहम सुराग, FSL रिपोर्ट से बड़ा खुलासा मानव शुक्राणु मिले

पटना: में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर एसआईटी को फॉरेंसिक लैब की महत्वपूर्ण रिपोर्ट मिली है। जांच में छात्रा के अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष मिलने की बात सामने आई है। अब डीएनए प्रोफाइलिंग के जरिए गिरफ्तार आरोपी और अन्य संदिग्धों से सैंपल का मिलान किया जाएगा। मामले में लापरवाही बरतने पर दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले ही यौन हिंसा की आशंका जताई गई थी।

सांकेतिक तस्वीर (Ai)

• मुख्य बाते

1. छात्रा के अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष मिलने की पुष्टि

2. जांच में लापरवाही पर दो पुलिस अफसरों पर गिरी गाज

3. डीएनए जांच के जरिए सच्चाई सामने लाने की तैयारी

बिहार: की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच कर रही एसआईटी को अहम जानकारी हाथ लगी है। फॉरेंसिक साइंस लैब ने इस केस से जुड़ी बायोलॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।

पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतका के परिजनों ने 10 जनवरी को छात्रा के कुछ वस्त्र यानी कपड़े जांच के लिए पुलिस को सौंपे थे। इन वस्त्र को एफएसएल भेजा गया, जहां परीक्षण के दौरान घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है।

अब एफएसएल द्वारा इन नमूनों की डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिसे एसआईटी द्वारा गिरफ्तार आरोपी समेत अन्य चिन्हित संदिग्धों के डीएनए से मिलाया जाएगा।

दो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई

मामले की आंतरिक समीक्षा के दौरान जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर पुलिस विभाग ने सख्त कदम उठाया है। कदमकुआं थाना के अपर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर थाना की थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को सूचना संकलन और समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर का बयान सामने आया, जिसमें बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को दूसरी राय के लिए एम्स भेजा गया है। इसमें इलाज करने वाले डॉक्टर का बयान और अन्य मेडिकल दस्तावेज भी शामिल हैं। मेडिकल बोर्ड की अंतिम रिपोर्ट का फिलहाल इंतजार किया जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले ही जताई गई थी आशंका

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहले ही यह संकेत दिया गया था कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, एसआईटी अन्य तकनीकी और वैज्ञानिक रिपोर्ट्स का भी इंतजार कर रही थी, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट सबसे अहम मानी जा रही थी।

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अब एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और तेज कर दिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि छात्रा आखिरी बार जहानाबाद कब गई थी और वहां से लौटने के बाद वह कब पटना स्थित हॉस्टल पहुंची।

हर एंगल से जांच में जुटी एसआईटी

जांच के दौरान पटना जंक्शन से हॉस्टल तक के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं। छात्रा के हॉस्टल पहुंचने से लेकर उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाले जाने तक की हर गतिविधि की बारीकी से जांच की गई है।

इसके अलावा एसआईटी की एक टीम छात्रा के गांव जहानाबाद भी गई थी, जहां तीन से चार दिनों तक स्थानीय स्तर पर पूछताछ की गई। छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री में सुसाइड और नींद की दवाओं से जुड़े सर्च, साथ ही यूरिन में नींद की गोली की मौजूदगी को लेकर भी अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है।

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