बजट 2026: कैंसर की दवाएं हुई सस्ती, क्या हेल्थ सेक्टर की इन घोषणाओं से सुधरेगी आपकी सेहत? जानिए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026-27 का बजट संसद मे पेश कर दिया है। इस साल स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट 10% बढ़ाकर 1,06,530 करोड़ रुपये कर दिया गया है। आम लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात कैंसर के इलाज को लेकर आई है।
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| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 2026 स्वास्थ्य घोषणाएं और कैंसर इलाज |
कैंसर की 17 दवाएं अब कम दाम मे कस्टम ड्यूटी खत्म
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 प्रमुख दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को पूरी तरह खत्म कर दिया है। क्योंकि ये दवाएं ज्यादातर विदेश से मंगाई जाती हैं, इसलिए इन पर ज्यादा टैक्स लगता था। टैक्स के हटने से इनकी कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी।
कौन सी दवाएं हुईं सस्ती?
ये उन मुख्य दवाओं की लिस्ट है जिनके दाम घटने वाले है।
राइबोसिक्लिब (Ribociclib), एबेमासिक्लिब (Abemaciclib)
वेनेटोक्लैक्स (Venetoclax), सेरिटिनिब (Ceritinib)
ब्रिगैटिनिब (Brigatinib), इब्रुटिनिब (Ibrutinib)
डैरोलुटामाइड, टोरिपालिमैब, सर्प्लुलिमैब
इनोटुज़ुमैब ओज़ोगैमाइसिन, पोनेटिनिब, डाब्राफ़ेनिब, ट्रामेटिनिब और इपिलिमुमैब।
विशेषज्ञ की राय: मेदांता के सीनियर डायरेक्टर डॉ. कुंजहरि मेधी के अनुसार, ये दवाएं 'टारगेटेड' और 'इम्यूनोथेरेपी' का हिस्सा हैं। कैंसर का इलाज लंबा और महंगा होता है, ऐसे में यह कदम मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए संजीवनी जैसा है।
बायोफार्मा शक्ति भारत बनेगा दवाओं का ग्लोबल हब
बजट में 'बायोफार्मा शक्ति' योजना का ऐलान हुआ है, जिस के ऊपर अगले 5 साल में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
क्या होता है बायोफार्मा? ये दवाएं रसायनों (Chemicals) के बजाय जीवित कोशिकाओं (Cells), बैक्टीरिया या वायरस से तैयार की जाती हैं। इनमें एडवांस वैक्सीन और जीन थेरेपी शामिल हैं।
फायदा: जब ये दवाएं भारत में ही बनेंगी, तो इनकी उपलब्धता बढ़ेगी और कीमत कम होगी। इसके लिए देश में 3 नए NIPERs (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) खोले जाएंगे।
दुर्लभ बीमारियां और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर
कैंसर के अलावा, सरकार ने 7 दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के इलाज और उनके विशेष भोजन (Special Food) पर भी कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है।
हेल्थ सेक्टर की अन्य बड़ी घोषणाएं
🏥 नए एम्स (AIIMS)
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में नए एम्स का निर्माण किया जाएगा।
🧠 मेंटल हेल्थ
उत्तर भारत में नया NIMHANS खुलेगा और रांची-तेज़पुर के केंद्रों को आधुनिक बनाया जाएगा।
🚑 इमरजेंसी केयर
हर जिला अस्पताल में हाई-टेक 'इमरजेंसी एंड ट्रॉमा केयर सेंटर' स्थापित करने का प्रस्ताव है।
🌿 आयुर्वेद
देश में 3 नए 'ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद' खुलेंगे, जिससे पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा।
✈️ मेडिकल टूरिज़्म
प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए 5 नए 'मेडिकल टूरिज़्म हब्स' बनाए जाएंगे ताकि विदेशी मरीज भारत आएं।
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHP) का सशक्तिकरण
इलाज सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन और फिजियोथेरेपिस्ट जैसे प्रोफेशनल्स के भरोसे भी चलता है। बजट में इन एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए नए संस्थानों की स्थापना और पुराने संस्थानों को अपग्रेड करने का प्रावधान किया गया है।
बजट 2026 स्वास्थ्य के नज़रिए से "राहत और रिसर्च" का कॉम्बो है। जहां एक तरफ कैंसर जैसी घातक बीमारी का इलाज सस्ता करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ 'बायोफार्मा' के जरिए भविष्य की चुनौतियों के लिए भारत को तैयार किया जा रहा है।
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नोट: इलाज और दवाओं से जुड़ी यह जानकारी विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। कोई भी दवा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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