नकली IAS बनकर जमा रहा था रौब, DM ने पूछा सवाल तो रोने लगा।

Fake IAS Arrested: बिहार के सारण जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जिलाधिकारी (DM) के दफ्तर में खुद को IAS अधिकारी बताकर रौब झाड़ना एक युवक को भारी पड़ गया। वह शख्स गांव में अपनी साख बनाने के लिए यह झूठ बोलता था, लेकिन पुलिस की पूछताछ में उसकी हकीकत सामने आते ही वह फूट-फूटकर रोने लगा।

DM की पूछताछ में पकड़ा गया नकली IAS युवक, सच सामने आने पर रोता हुआ (फोटो X)


बिना परीक्षा और इंटरव्यू के बना 'स्वघोषित IAS'

क्या आपने कभी उन 'स्वघोषित IAS' अधिकारियों के बारे में सुना है जिन्हें न प्रीलिम्स की चिंता होती है, न मेन्स की मेहनत और न ही इंटरव्यू का कोई खौफ? इनका पूरा सिलेबस सिर्फ इतना है कि एक दिन सोकर उठो और पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद को कलेक्टर घोषित कर दो। बिहार के सारण में भी एक ऐसा ही 'फर्जी IAS' पकड़ा गया है, जिसका चयन किसी परीक्षा से नहीं बल्कि उसके अपने झूठ से हुआ था।

DM वैभव श्रीवास्तव को जब हुआ संदेह

मामला 2 फरवरी का है। रितेश कुमार नाम का एक युवक सारण के जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचा और दावा किया कि वह 2022 बैच का यूपी कैडर का IAS अधिकारी है। उसने खुद को उत्तर प्रदेश में तैनात बताया और किसी काम के सिलसिले में डीएम से मिलने की जिद की। जब वह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के सामने बैठा, तो शुरुआत में सब ठीक लगा। लेकिन जैसे ही जिलाधिकारी ने उससे उसका पहचान पत्र (Identity Card) मांगा, युवक घबराने लगा। यहीं से डीएम का शक यकीन में बदल गया।

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मुखर्जी नगर में की थी तैयारी, अब मांग रहा सजा

जब कड़ाई से पूछताछ हुई, तो रितेश के जज्बात बदल गए। उसने रोते हुए स्वीकार किया कि वह कोई आईएएस अधिकारी नहीं है। रितेश ने बताया:

"मैं फर्जी आईडी लेकर डीएम साहब से मिलने आया था। मेरे घरवालों को कुछ लोग परेशान कर रहे हैं, इसलिए मैंने यह गलत कदम उठाया। मुझे इसकी सजा मिलनी चाहिए।"

दिलचस्प बात यह है कि रितेश दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर UPSC और BPSC की तैयारी कर चुका है, लेकिन सफल न होने पर उसने झूठ का सहारा लेना शुरू कर दिया। वह इससे पहले पूर्व जिलाधिकारी अमन समीर से भी इसी तरह मिल चुका था।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

छपरा सदर के SDOP रामपुकार सिंह के अनुसार, आरोपी युवक सारण के बसाढ़ी गांव का रहने वाला है। वह गांव में लोगों पर धौंस जमाने और अपना काम निकलवाने के लिए खुद को अधिकारी बताता था। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है और नगर थाना में उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।

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