सूरजकुंड मेले मे दूसरों की जान बचाते हुए इंस्पेक्टर जगदीश ने दिया बलिदान, सरकार ने किया ₹1 करोड़ की मदद का ऐलान
फरीदाबाद: के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में झूले के टूटने से बड़ा हादसा हुआ है, इसी हादसे के बीच अपनी ड्यूटी निभाते हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए। प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग ने उनकी बहादुरी को नमन करते हुए परिजनों के लिए सम्मान राशि 1 करोड़ रूपये की घोषणा की है।
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| इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद जिनकी घटना में मौत हो गई (फोटो/X) |
कैसे और कब हुआ यह हादसा?
हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित विश्व प्रसिद्ध 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में शनिवार, 7 फरवरी की शाम खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। शाम करीब 6 बजे मेले के मनोरंजन जोन में स्थित एक विशाल झूले में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, झूले का एक हिस्सा अचानक चरमरा कर टूट गया।
हादसे के वक्त वहां ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने जैसे ही खतरे को भांप लिया, वे बिना अपनी जान की परवाह किए लोगों को बचाने के लिए झूले की ओर दौड़े। जब वे फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे थे, उसी वक्त झूले का दूसरा भारी हिस्सा भी टूटकर उनके ऊपर गिर गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में इंस्पेक्टर जगदीश गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे मे 13 अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार अभी भी जारी है।
हादसे के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। DCP (NIT) मकसूद अहमद ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इंस्पेक्टर जगदीश बेहद जांबाज अधिकारी थे। उन्होंने बताया,
‘‘जब झूले का पहला हिस्सा टूटा, तो इंस्पेक्टर जगदीश और उनके साथी तुरंत राहत कार्य में जुट गए। वे लोगों को सुरक्षित घेरे से बाहर निकाल ही रहे थे कि झूले का दूसरा हिस्सा उनके ऊपर आ गिरा।”
हरियाणा के पुलिस (DGP) अजय सिंघल ने इंस्पेक्टर जगदीश की शहादत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि,
‘‘उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में साहस का परिचय दिया। DGP ने घोषणा की कि विभाग की पॉलिसी के तहत शहीद इंस्पेक्टर के परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि और अन्य सभी सरकारी लाभ प्रदान किए जाएंगे”
फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में मौत का तांडव।
— 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀𝐍 𝐍𝐀𝐕𝐄𝐄𝐍 (@INDIAN__NAVEEN) February 8, 2026
सुनामी झूला बीच हवा में अटका, फिर धड़ाम से गिरा।
18 लोग सवार थे, कुछ को नीचे उतारा जा रहा था तभी पूरा झूला क्रैश।
बहादुर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने बचाने की कोशिश की, पर झूले के नीचे दबकर इंस्पेक्टर सहित 2 की मौत और 12 लोग घायल।… pic.twitter.com/VVsQrRzbKm
इस हादसे ने मेले में सुरक्षा इंतजामों और झूलों के फिटनेस सर्टिफिकेट पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूरजकुंड मेला न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान रखता है। ऐसे में तकनीकी खराबी के कारण हुआ यह हादसा प्रशासन की निगरानी को कटघरे में खड़ा करता है। घटना के बाद मेले में सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।
कौन थे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। वे वर्तमान में पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे और 31 जनवरी 2026 को विशेष रूप से सूरजकुंड मेला ड्यूटी के लिए फरीदाबाद भेजे गए थे। उनके साथियों का कहना है कि वे हमेशा चुनौतीपूर्ण कार्यों के लिए सबसे आगे रहते थे। उनके परिवार के लिए यह गर्व करने की बात है, लेकिन उनकी बहादुरी की कहानी अब हरियाणा पुलिस के इतिहास में दर्ज हो गई है। उनके साथ ड्यूटी पर तैनात ASI नीलय भी इस हादसे में घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
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31 जनवरी से शुरू हुआ यह 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला 15 फरवरी तक चलना है। इस वर्ष मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा किया गया था। मेले में भारत के 30 राज्यों के 1150 से अधिक कलाकार और लगभग 46 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, इस हादसे के बाद मनोरंजन क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है और प्रशासन ने जांच पूरी होने तक झूलों के संचालन पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं।
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